सीएनजी व इलेक्ट्रिक हरित नौकायन: मां गंगा की निर्मलता व स्वच्छता का संकल्प
आधुनिक और पर्यावरण अनुकूल नौका विहार का आनंद लें। बिना किसी काले धुएं और इंजन के तेज शोर के ऐतिहासिक घाटों का शांत भ्रमण।

नाविक की डायरी: जमीनी हकीकत व स्थानीय तथ्य
घाट पर कदम रखने से पूर्व इन महत्वपूर्ण तथ्यों को अवश्य जान लें
प्रशासन ने पुरानी डीजल नावों को सीएनजी में क्यों बदला?
पुरानी डीजल नावों से निकलने वाला जहरीला काला धुआं ऐतिहासिक पाषाण मंदिरों को काला कर रहा था और गंगाजल को दूषित करता था। सीएनजी के प्रयोग से धुआं खत्म हो गया है और जलीय जीवों व डॉल्फिनों को नया जीवन मिला है।
यात्रियों की सुविधा: शुद्ध हवा में सुखद यात्रा
पारंपरिक मोटरबोटों में डीजल की बदबू और धुआं यात्रियों का सिरदर्द बन जाता था।
सीएनजी और इलेक्ट्रिक नावों में आपको केवल मां गंगा की ताजी हवा और घाटों से आती मंत्रध्वनि सुनाई देती है, जिससे आपका मन प्रफुल्लित रहता है।
वाराणसी नाव सुरक्षा: क्या ध्यान रखें
समतल पेंदे की स्थिर काष्ठ नौकाएं, साफ 100N लाइफ जैकेट और जल पुलिस प्रमाणित स्थानीय नाविक। परिवार व बुजुर्गों के लिए पूरी तरह सुरक्षित।
100% फिटेड लाइफ जैकेट
घाट की सीढ़ी से नाव अलग होने से पूर्व प्रत्येक तीर्थयात्री को मल्लाह द्वारा लाइफ जैकेट पहनाई जाती है।
स्थानीय निषाद नाविक
पीढ़ियों से गंगा की जलधारा, भंवरों और मौसम के मिजाज को समझने वाले पेशेवर स्थानीय मल्लाह।
सख्त क्षमता सीमा (नो ओवरक्राउडिंग)
नाव की क्षमता से एक भी व्यक्ति अधिक नहीं। जल पुलिस मानकों और सुरक्षा नियमों का शत-प्रतिशत पालन।
बिना किसी दलाल के, सीधे स्थानीय नाविक के साथ सुरक्षित बुकिंग। 100% लाइफ जैकेट, लिखित दर और घाट पर प्रातः सहायता।
सुबह घाट पर भटकना बनाम शांत व निश्चित नौका विहार
"सुबह 5 बजे अंधेरे में घाट की सीढ़ियों पर भटकने की जरूरत नहीं। होटल से निकलने से पहले ही आपकी नाव संख्या, नाविक का फोन और पक्का रेट तय रहता है।"
सुबह 5:00 बजे समय पर रवानगी
भोर में 4:30 बजे अंधेरी सीढ़ियों पर भटकना और पांच अलग-अलग दलालों से रेट पर माथापच्ची करना।
शाम को ही नाविक का नाम, मोबाइल नंबर और घाट की सीढ़ी व्हाट्सएप पर तय। सुबह वह सीढ़ी पर आपका इंतजार करता मिलता है।
पक्की व पारदर्शी दरें
पहले ₹300 बोलकर नाव पर बैठाना, फिर बीच नदी में कहना कि वापस लौटने या आरती देखने का अलग से पैसा लगेगा।
व्हाट्सएप पर तय किराया ही अंतिम किराया है। इसमें पूरा चक्कर, आरती का इंतजार और सुरक्षित वापसी सब शामिल है।
साफ लाइफ जैकेट व तय सीटें
बिना लाइफ जैकेट के नाव उतारना, या तख्तों के नीचे दबी गंदी जैकेट होना, और 8 सीटर नाव में 15 सवारी ठूंस लेना।
नाव में बैठने से पहले साफ व सूखी लाइफ जैकेट। हर यात्री के लिए अलग सीट, ओवरलोडिंग बिल्कुल नहीं।
मणिकर्णिका पर पूर्ण मर्यादा
चिता के बहुत पास नाव ले जाना या लकड़ी दान और फोटो फीस के नाम पर परेशान करना।
पानी में 50 मीटर की शांत दूरी। कैमरे बंद रखकर शोक संतप्त परिवारों की मर्यादा का पालन, और नाविक द्वारा शांति से इतिहास बताना।
दुकानों का कोई चक्कर नहीं
कमीशन के चक्कर में जबरन साड़ी की दुकानों या एंपोरियम की तरफ नाव मोड़ना।
दुकानों का शून्य चक्कर। आपका पूरा समय सिर्फ 84 घाटों को निहारने, फोटो लेने और गंगा की शांति का आनंद लेने के लिए है।
घना कोहरा व मानसून नियम
घने कोहरे या तेज बहाव में जबरदस्ती नाव चलाना या यात्रा रुकने पर पैसे वापस न करना।
जल पुलिस या प्रशासन द्वारा कोहरे/बाढ़ के कारण नाव रोकने पर तुरंत 100% रिफंड या आपकी मर्जी से अगले दिन का समय।
काशी टैक्सी परिवार (स्था. 1982) का भरोसा
घाट किनारे किसी अनजान बिचौलिए से नाव लेना जिसका बाद में कोई अता-पता न हो।
वाराणसी में 40+ वर्षों से सेवारत काशी टैक्सी व विनायक ट्रैवल्स की आधिकारिक नौका सेवा। अस्सी व दशाश्वमेध घाट पर समर्पित फिजिकल हेल्प डेस्क व 24x7 सहायता।
परिवार या वृद्ध माता-पिता के साथ आ रहे हैं? घाट पर जोखिम न लें।
हमारे साथ अपनी नाव पूर्व-आरक्षित करें। शून्य अग्रिम राशि, तय किराया और घाट पर पूरा आदर।
पीढ़ियों से मां गंगा के सेवक: हमारे नाविक
सीधे स्थानीय निषाद मल्लाह परिवारों से बुकिंग। कोई दलाल नहीं, कोई कमीशन नहीं, आपका पूरा भुगतान सीधे नाविक को जाता है।

वाराणसी के घाटों पर नाविक सिर्फ नाव नहीं चलाते, वे गंगा के सच्चे रखवाले हैं।
जब आप वाराणसी बोट्स से बुकिंग करते हैं, तो कोई बिचौलिया या दलाल आपका किराया नहीं काटता। पूरा पैसा सीधे नाव चलाने वाले मल्लाह को मिलता है, जो आपकी और आपके परिवार की सुरक्षा का पूरा ध्यान रखते हैं।
रामू साहनी
हमारे लिए नाव सिर्फ धंधा नहीं, मां गंगा हमारा जीवन हैं। हमारे लिए हर यात्री महादेव के धाम आया अतिथि है।
बब्लू निषाद
बीच नदी में पैसे का मोलभाव हमारी शान के खिलाफ है। जो बात पहले तय हुई, उसी ईमानदारी से पूरा सफर कराते हैं।
संतोष मांझी
भीगी सीढ़ियों पर बुजुर्गों और बच्चों को हाथ का सहारा देकर नाव पर चढ़ाना और उतारना हमारी पहली जिम्मेदारी है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
तय रेट पर आज ही अपनी नाव बुक करें
होटल से निकलने से पहले व्हाट्सएप पर अपनी नाव और नाविक का नंबर पाएं। कोई एडवांस पेमेंट नहीं, सवारी के बाद भुगतान।