वाराणसी में मोटर बोट बुकिंग – प्राइवेट गंगा आरती व 84 घाट राइड
अपने परिवार संग बिना किसी भीड़भाड़ के पवित्र गंगा की यात्रा करें। दशाश्वमेध महा आरती का सीधा दृश्य और अस्सी से नमो घाट तक संपूर्ण 84 घाटों का चक्कर मात्र ₹3,499 से।

अस्सी घाट सूर्योदय: लाइफ जैकेट सहित शांत पारंपरिक नौका विहार
100% तय किराया
घाट जाने से पहले व्हाट्सएप पर लिखित पक्की दर। बीच नदी में कोई बहस या अचानक अतिरिक्त मांग नहीं।
साफ लाइफ जैकेट
नाव में पैर रखने से पहले ठीक से पहनाई गई जैकेट। हम कभी तय क्षमता से ज्यादा सवारी नहीं बैठाते।
दुकानों का कोई चक्कर नहीं
आपका पूरा समय सिर्फ गंगा और 84 घाटों के लिए है। कमीशन वाली दुकानों या साड़ी शोरूम का शून्य चक्कर।
स्थानीय निषाद नाविक
पीढ़ियों से गंगा की लहरों को जानने वाले स्थानीय मल्लाह। आपका पूरा किराया सीधे नाविक परिवार को जाता है।

आरामदायक गद्देदार सीटें और अनुभवी नाविक

दशाश्वमेध आरती का सीधा प्रथम पंक्ति दर्शन

अस्सी से नमो घाट तक संपूर्ण 7 किमी अर्धचंद्राकार यात्रा
पूरी नाव केवल आपके और आपके परिवार के लिए आरक्षित रहती है। भीड़भाड़ और धक्का-मुक्की से दूर शांत और सुखद गंगा यात्रा।
7 किलोमीटर के पूरे नदी तट पर चेत सिंह किला, दरभंगा महल, मणिकर्णिका, केदार और नमो घाट सहित सभी 84 ऐतिहासिक घाटों का भ्रमण।
दशाश्वमेध घाट की विश्वप्रसिद्ध महाआरती को सीधे नदी से देखें — बिना किसी रुकावट के सातों पुजारियों के पीतल दीपों का दिव्य दृश्य।
स्थानीय नाविकों के साथ सीधे पारदर्शी रेट। कोई बिचौलिया या दलाल कमीशन नहीं। जो तय है, वही भुगतान।
वाराणसी में मोटर बोट नौका विहार के बारे में
काशी की आध्यात्मिक आभा का साक्षात्कार करने के लिए वाराणसी बोट्स की प्राइवेट मोटर बोट सबसे उत्तम साधन है। लगभग ढाई घंटे के इस शांत क्रूज में आप 300 वर्ष पुराने मराठा और राजपूत महलों के सामने से बिना किसी थकान के गुजरते हैं।
भीड़भाड़ वाली शेयर्ड नावों के विपरीत, प्राइवेट मोटर बोट में आपको गद्देदार आरामदायक सीटें, सभी के लिए प्रमाणित लाइफ जैकेट और अपनी इच्छानुसार ऐतिहासिक घाटों पर फोटो खींचने के लिए नाव रोकने की सुविधा मिलती है।

आरामदायक गद्देदार सीटें और आईएसआई लाइफ जैकेट युक्त प्राइवेट मोटर बोट
प्राइवेट मोटर बोट – दर व विस्तृत विवरण
| प्रस्थान घाट | दशाश्वमेध घाट / अस्सी घाट / नमो घाट / रविदास घाट (आपके होटल के निकटतम घाट) |
| समय स्लॉट | सूर्योदय: सुबह 5:30 से 8:00 (सुबह-ए-बनारस) शाम की गंगा आरती: शाम 5:00 से 7:30 (दशाश्वमेध आरती ठहराव) |
| पैकेज आधार मूल्य | ₹3,499 (1–8 व्यक्ति) · ₹3,999 (10 व्यक्तियों तक) · अतिरिक्त व्यक्ति: ₹300 |
| नाव क्षमता | 10 से 12 व्यक्ति आराम से बैठ सकते हैं |
| सैर की अवधि | लगभग 2 घंटे 30 मिनट (संपूर्ण 84 घाट) |
| गाइड सुविधा (वैकल्पिक) | अंग्रेजी गाइड: ₹1,500 | हिंदी कथावाचक: ₹1,000 |
| भुगतान विकल्प | यूपीआई (गूगल पे / फोनपे / पेटीएम), नकद |
पैकेज में क्या शामिल है
- सभी यात्रियों के लिए प्रमाणित आईएसआई लाइफ जैकेट्स
- स्थानीय अनुभवी व लाइसेंस प्राप्त निषाद मांझी (नाविक)
- 100% प्राइवेट नाव — केवल आपका परिवार
- अस्सी से नमो घाट तक संपूर्ण 84 घाटों का चक्कर
- दशाश्वमेध घाट पर आरती के सामने 45 मिनट का ठहराव
- नदी में दीपदान के लिए नि:शुल्क पुष्प दीये
क्या शामिल नहीं है
- होटल से पिकअप/ड्रॉप (टैक्सी सुविधा अलग से उपलब्ध)
- काशी विश्वनाथ मंदिर दर्शन पास या पुरोहित दक्षिणा
- खान-पान (आप अपने स्नैक्स साथ ला सकते हैं)
- नाविक बख्शीश (पूरी तरह आपकी इच्छा पर निर्भर)
क्रमवार क्रूज समय चक्र: 2.5 घंटे की पावन गंगा यात्रा
हमारे अनुभवी मांझी हर मिनट को धैर्य और शांति से संचालित करते हैं ताकि आप वास्तुशिल्प और भक्ति का पूर्ण आनंद ले सकें।
निर्धारित घाट की सीढ़ियों पर स्वागत
आपके नियुक्त मांझी आपसे मिलते हैं। लाइफ जैकेट पहनाई जाती है और गद्देदार सीटों पर बिठाकर नाव को शांत जल में आगे बढ़ाया जाता है।
अस्सी, तुलसी व चेत सिंह किले के सामने से क्रूज
18वीं सदी के विशाल पत्थर के बुर्जों और दरभंगा महल की नक्काशीदार दीवारों को करीब से देखें।
मणिकर्णिका व सिंधिया घाट पर आदरपूर्ण ठहराव
मणिकर्णिका की अखंड ज्योति से उचित दूरी पर नाव की गति धीमी की जाती है, तत्पश्चात सिंधिया घाट पर गंगा में झुके ऐतिहासिक शिव मंदिर का दर्शन कराया जाता है।
दशाश्वमेध घाट के ठीक सामने नाव का ठहराव
नाविक आरती मंच के ठीक सामने प्रथम पंक्ति में नाव स्थिर करते हैं। 45 मिनट तक मंत्रोच्चार, शंखनाद और पीतल दीपों की भव्य आरती का नदी से दर्शन।
मां गंगा की धारा में पुष्प दीयों का अर्पण
पुष्प दीयों को प्रज्वलित कर मनोकामना संग गंगा की लहरों पर प्रवाहित करें।
प्रस्थान घाट पर सुरक्षित विदाई
रात की ठंडी बयार और जगमगाते घाटों की रोशनी का आनंद लेते हुए वापस अपने घाट पहुँचें।
नाव से दिखने वाले प्रमुख ऐतिहासिक घाट
गंगा की लहरों से इन प्राचीन घाटों का दर्शन एक दिव्य अनुभव कराता है:
अस्सी घाट
प्राचीन संगमकाशी का दक्षिणी सिरा जहाँ अस्सी नदी गंगा से मिलती है। सुबह-ए-बनारस, वैदिक मंत्रोच्चार और सूर्योदय योग के लिए प्रसिद्ध।
तुलसी घाट
16वीं शताब्दीसंत गोस्वामी तुलसीदास जी की कर्मस्थली जहाँ उन्होंने श्रीरामचरितमानस की रचना की और ऐतिहासिक रामलीला की शुरुआत की।
चेत सिंह घाट व किला
1781 ई. का ऐतिहासिक किलामहाराजा चेत सिंह का विशाल पत्थर का किला जिन्होंने वारेन हेस्टिंग्स की ब्रिटिश सेना का मुकाबला किया था। नदी से भव्य दृश्य।
केदार घाट
पौराणिक महत्वलाल और सफेद धारियों वाला सुंदर घाट। यहाँ प्राचीन केदारेश्वर शिव मंदिर स्थित है, जो दक्षिण भारतीय श्रद्धालुओं का प्रमुख केंद्र है।
दशाश्वमेध घाट
काशी का हृदय स्थलकाशी का सबसे जीवंत घाट जहाँ भगवान ब्रह्मा ने दस अश्वमेध यज्ञ किए थे। शाम की विश्वप्रसिद्ध महा गंगा आरती का मुख्य केंद्र।
मणिकर्णिका घाट
महाश्मशानसनातन धर्म का सबसे पवित्र श्मशान जहाँ भगवान शिव स्वयं मोक्ष प्रदान करते हैं। यहाँ की पावन अग्नि कभी शांत नहीं होती।
सिंधिया घाट
झुका हुआ शिव मंदिरयहाँ नदी में लगभग 45 अंश के कोण पर झुका हुआ 150 साल पुराना ऐतिहासिक शिव मंदिर स्थित है।
नमो घाट
आधुनिक स्थापत्यकाशी का उत्तरी प्रवेश द्वार जहाँ हाथ जोड़े हुए विशाल "नमस्ते" की कांस्य प्रतिमाएं और चौड़ा पक्का रिवरफ्रंट बना है।
निषाद मांझी परंपरा — सीधा समुदाय अनुबंध
काशी का निषाद (मांझी) समुदाय पीढ़ियों से मां गंगा की सेवा में समर्पित है। जब आप वाराणसी बोट्स के माध्यम से नाव बुक करते हैं, तो आपका पूरा किराया सीधे नाविक परिवारों तक पहुँचता है। किसी दलाल या बिचौलिए का कोई कमीशन नहीं होता, जिससे आपको बेहतर और सम्मानजनक सेवा मिलती है।
काशी के प्रमुख घाट एवं नौका मार्ग
अस्सी से नमो घाट तक किसी भी घाट पर क्लिक करके उसका इतिहास और नौका महत्व देखें।
अस्सी घाट
spiritualकाशी का दक्षिणी द्वार जहां अस्सी नदी मां गंगा में मिलती है। सुबह-ए-बनारस के लिए विख्यात।
वाराणसी नाव सुरक्षा: क्या ध्यान रखें
समतल पेंदे की स्थिर काष्ठ नौकाएं, साफ 100N लाइफ जैकेट और जल पुलिस प्रमाणित स्थानीय नाविक। परिवार व बुजुर्गों के लिए पूरी तरह सुरक्षित।
100% फिटेड लाइफ जैकेट
घाट की सीढ़ी से नाव अलग होने से पूर्व प्रत्येक तीर्थयात्री को मल्लाह द्वारा लाइफ जैकेट पहनाई जाती है।
स्थानीय निषाद नाविक
पीढ़ियों से गंगा की जलधारा, भंवरों और मौसम के मिजाज को समझने वाले पेशेवर स्थानीय मल्लाह।
सख्त क्षमता सीमा (नो ओवरक्राउडिंग)
नाव की क्षमता से एक भी व्यक्ति अधिक नहीं। जल पुलिस मानकों और सुरक्षा नियमों का शत-प्रतिशत पालन।
प्राइवेट मोटर बोट बुक करें
बिना किसी दलाल के, सीधे वाराणसी बोट्स के लाइसेंसधारी नाविकों संग पक्की बुकिंग।
Complete 84 Ghats from Assi to NAMO with Ganga Aarti halt
सुबह घाट पर भटकना बनाम शांत व निश्चित नौका विहार
"सुबह 5 बजे अंधेरे में घाट की सीढ़ियों पर भटकने की जरूरत नहीं। होटल से निकलने से पहले ही आपकी नाव संख्या, नाविक का फोन और पक्का रेट तय रहता है।"
सुबह 5:00 बजे समय पर रवानगी
भोर में 4:30 बजे अंधेरी सीढ़ियों पर भटकना और पांच अलग-अलग दलालों से रेट पर माथापच्ची करना।
शाम को ही नाविक का नाम, मोबाइल नंबर और घाट की सीढ़ी व्हाट्सएप पर तय। सुबह वह सीढ़ी पर आपका इंतजार करता मिलता है।
पक्की व पारदर्शी दरें
पहले ₹300 बोलकर नाव पर बैठाना, फिर बीच नदी में कहना कि वापस लौटने या आरती देखने का अलग से पैसा लगेगा।
व्हाट्सएप पर तय किराया ही अंतिम किराया है। इसमें पूरा चक्कर, आरती का इंतजार और सुरक्षित वापसी सब शामिल है।
साफ लाइफ जैकेट व तय सीटें
बिना लाइफ जैकेट के नाव उतारना, या तख्तों के नीचे दबी गंदी जैकेट होना, और 8 सीटर नाव में 15 सवारी ठूंस लेना।
नाव में बैठने से पहले साफ व सूखी लाइफ जैकेट। हर यात्री के लिए अलग सीट, ओवरलोडिंग बिल्कुल नहीं।
मणिकर्णिका पर पूर्ण मर्यादा
चिता के बहुत पास नाव ले जाना या लकड़ी दान और फोटो फीस के नाम पर परेशान करना।
पानी में 50 मीटर की शांत दूरी। कैमरे बंद रखकर शोक संतप्त परिवारों की मर्यादा का पालन, और नाविक द्वारा शांति से इतिहास बताना।
दुकानों का कोई चक्कर नहीं
कमीशन के चक्कर में जबरन साड़ी की दुकानों या एंपोरियम की तरफ नाव मोड़ना।
दुकानों का शून्य चक्कर। आपका पूरा समय सिर्फ 84 घाटों को निहारने, फोटो लेने और गंगा की शांति का आनंद लेने के लिए है।
घना कोहरा व मानसून नियम
घने कोहरे या तेज बहाव में जबरदस्ती नाव चलाना या यात्रा रुकने पर पैसे वापस न करना।
जल पुलिस या प्रशासन द्वारा कोहरे/बाढ़ के कारण नाव रोकने पर तुरंत 100% रिफंड या आपकी मर्जी से अगले दिन का समय।
काशी टैक्सी परिवार (स्था. 1982) का भरोसा
घाट किनारे किसी अनजान बिचौलिए से नाव लेना जिसका बाद में कोई अता-पता न हो।
वाराणसी में 40+ वर्षों से सेवारत काशी टैक्सी व विनायक ट्रैवल्स की आधिकारिक नौका सेवा। अस्सी व दशाश्वमेध घाट पर समर्पित फिजिकल हेल्प डेस्क व 24x7 सहायता।
परिवार या वृद्ध माता-पिता के साथ आ रहे हैं? घाट पर जोखिम न लें।
हमारे साथ अपनी नाव पूर्व-आरक्षित करें। शून्य अग्रिम राशि, तय किराया और घाट पर पूरा आदर।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न — मोटर बोट बुकिंग
किराया, समय, सुरक्षा और घाटों तक पहुँचने से जुड़े महत्वपूर्ण प्रश्न।
2026 के प्रामाणिक फिक्स रेट: शेयर्ड सीट ₹250 से ₹350 प्रति व्यक्ति है। 1 से 6 व्यक्तियों के लिए पूरी प्राइवेट हाथ की नाव ₹1,800 से ₹2,400 (1.5 घंटे) की है। 15 सीटर मोटरबोट ₹3,500 से ₹4,500 और शाही बजरा ₹10,000 से शुरू होता है। बीच नदी में कोई अतिरिक्त चार्ज नहीं लिया जाता।
नाव चुनने या समय को लेकर कोई सवाल?
व्हाट्सएप पर तुरंत सही रेट और सुबह की नाव का समय जानने के लिए संपर्क करें।