शेयरिंग नौका विहार: जनसाधारण के किराए में उत्तम व सुरक्षित अनुभव
पूरी नाव का भारी खर्च उठाए बिना 84 घाटों का अलौकिक दर्शन करें। मात्र ₹250 से ₹350 में अपनी आरक्षित सीट पहले से बुक करें।

नाविक की डायरी: जमीनी हकीकत व स्थानीय तथ्य
घाट पर कदम रखने से पूर्व इन महत्वपूर्ण तथ्यों को अवश्य जान लें
घाट पर जाकर सीधे बैठने के बजाय वाराणसी बोट्स से शेयरिंग सीट क्यों बुक करें?
घाटों पर चलने वाली आम नावें क्षमता से दोगुने लोग भर लेती हैं और कोई लाइफ जैकेट नहीं देतीं। हमारी शेयरिंग नावों में यात्रियों की संख्या सीमित रहती है और सभी को प्रमाणित लाइफ जैकेट दी जाती है।
निश्चित रवानगी का समय
हमारी शेयरिंग नावें निश्चित समय सारिणी पर चलती हैं ताकि आपको घाट पर बैठकर नाव भरने का लंबा इंतजार न करना पड़े।
सुबह अस्सी घाट से 5:30 से 6:30 के बीच और शाम को दशाश्वमेध घाट से आरती से पूर्व नावें समय पर रवाना होती हैं।
Fixed All-Inclusive Fares
What you agree on WhatsApp is what you pay. No sudden surprises or mid-river fare arguments.
Clean Life Jackets Provided
Clean, dry life jackets fitted before pushing off. We never overload boats with extra passengers.
No Commission Saree Stops
Your boat ride belongs to the river and the ghats. Zero shopping detours or unwanted commissions.
Direct Local Boatmen
You book directly with the Nishad families who row the boats. 100% of the fare supports the boatman.
बिना किसी दलाल के, सीधे स्थानीय नाविक के साथ सुरक्षित बुकिंग। 100% लाइफ जैकेट, लिखित दर और घाट पर प्रातः सहायता।
सुबह घाट पर भटकना बनाम शांत व निश्चित नौका विहार
"सुबह 5 बजे अंधेरे में घाट की सीढ़ियों पर भटकने की जरूरत नहीं। होटल से निकलने से पहले ही आपकी नाव संख्या, नाविक का फोन और पक्का रेट तय रहता है।"
सुबह 5:00 बजे समय पर रवानगी
भोर में 4:30 बजे अंधेरी सीढ़ियों पर भटकना और पांच अलग-अलग दलालों से रेट पर माथापच्ची करना।
शाम को ही नाविक का नाम, मोबाइल नंबर और घाट की सीढ़ी व्हाट्सएप पर तय। सुबह वह सीढ़ी पर आपका इंतजार करता मिलता है।
पक्की व पारदर्शी दरें
पहले ₹300 बोलकर नाव पर बैठाना, फिर बीच नदी में कहना कि वापस लौटने या आरती देखने का अलग से पैसा लगेगा।
व्हाट्सएप पर तय किराया ही अंतिम किराया है। इसमें पूरा चक्कर, आरती का इंतजार और सुरक्षित वापसी सब शामिल है।
साफ लाइफ जैकेट व तय सीटें
बिना लाइफ जैकेट के नाव उतारना, या तख्तों के नीचे दबी गंदी जैकेट होना, और 8 सीटर नाव में 15 सवारी ठूंस लेना।
नाव में बैठने से पहले साफ व सूखी लाइफ जैकेट। हर यात्री के लिए अलग सीट, ओवरलोडिंग बिल्कुल नहीं।
मणिकर्णिका पर पूर्ण मर्यादा
चिता के बहुत पास नाव ले जाना या लकड़ी दान और फोटो फीस के नाम पर परेशान करना।
पानी में 50 मीटर की शांत दूरी। कैमरे बंद रखकर शोक संतप्त परिवारों की मर्यादा का पालन, और नाविक द्वारा शांति से इतिहास बताना।
दुकानों का कोई चक्कर नहीं
कमीशन के चक्कर में जबरन साड़ी की दुकानों या एंपोरियम की तरफ नाव मोड़ना।
दुकानों का शून्य चक्कर। आपका पूरा समय सिर्फ 84 घाटों को निहारने, फोटो लेने और गंगा की शांति का आनंद लेने के लिए है।
घना कोहरा व मानसून नियम
घने कोहरे या तेज बहाव में जबरदस्ती नाव चलाना या यात्रा रुकने पर पैसे वापस न करना।
जल पुलिस या प्रशासन द्वारा कोहरे/बाढ़ के कारण नाव रोकने पर तुरंत 100% रिफंड या आपकी मर्जी से अगले दिन का समय।
काशी टैक्सी परिवार (स्था. 1982) का भरोसा
घाट किनारे किसी अनजान बिचौलिए से नाव लेना जिसका बाद में कोई अता-पता न हो।
वाराणसी में 40+ वर्षों से सेवारत काशी टैक्सी व विनायक ट्रैवल्स की आधिकारिक नौका सेवा। अस्सी व दशाश्वमेध घाट पर समर्पित फिजिकल हेल्प डेस्क व 24x7 सहायता।
परिवार या वृद्ध माता-पिता के साथ आ रहे हैं? घाट पर जोखिम न लें।
हमारे साथ अपनी नाव पूर्व-आरक्षित करें। शून्य अग्रिम राशि, तय किराया और घाट पर पूरा आदर।
पीढ़ियों से मां गंगा के सेवक: हमारे नाविक
सीधे स्थानीय निषाद मल्लाह परिवारों से बुकिंग। कोई दलाल नहीं, कोई कमीशन नहीं, आपका पूरा भुगतान सीधे नाविक को जाता है।

वाराणसी के घाटों पर नाविक सिर्फ नाव नहीं चलाते, वे गंगा के सच्चे रखवाले हैं।
जब आप वाराणसी बोट्स से बुकिंग करते हैं, तो कोई बिचौलिया या दलाल आपका किराया नहीं काटता। पूरा पैसा सीधे नाव चलाने वाले मल्लाह को मिलता है, जो आपकी और आपके परिवार की सुरक्षा का पूरा ध्यान रखते हैं।
रामू साहनी
हमारे लिए नाव सिर्फ धंधा नहीं, मां गंगा हमारा जीवन हैं। हमारे लिए हर यात्री महादेव के धाम आया अतिथि है।
बब्लू निषाद
बीच नदी में पैसे का मोलभाव हमारी शान के खिलाफ है। जो बात पहले तय हुई, उसी ईमानदारी से पूरा सफर कराते हैं।
संतोष मांझी
भीगी सीढ़ियों पर बुजुर्गों और बच्चों को हाथ का सहारा देकर नाव पर चढ़ाना और उतारना हमारी पहली जिम्मेदारी है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
तय रेट पर आज ही अपनी नाव बुक करें
होटल से निकलने से पहले व्हाट्सएप पर अपनी नाव और नाविक का नंबर पाएं। कोई एडवांस पेमेंट नहीं, सवारी के बाद भुगतान।